
तो निकाल लिया गया, लेकिन माही को बचाया नहीं जा सका। सेना के जवानों ने माही को बोरवेल से निकालने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने माही को मृत घोषित करार दिया। मौके पर पहले से खड़ी सेना की एंबुलेंस में माही को अस्पताल पहुंचाया गया था। गुड़गांव सीएमओ पी के गर्ग के मुताबिक माही को नहीं बचाया जा सका।मालूम हो कि 20 जून की रात 11 बजे माही अपने घर के करीब के बोरवेल में गिर गई थी। ये बोरवेल तकरीबन 68 फीट गहरा था। बोरवेल काफी संकरा है इसलिए माही को बचाने में काफी दिक्कत आ रही है। सेना, एनएसजी, स्थानीय प्रशासन और मेट्रो प्रशासन भी माही को बचाने में जुटा था।
सेना ने माही को बोरवेल में ऑक्सीजन की सप्लाई दी हुई थी। सीसीटीवी कैमरे से माही के शरीर में किसी तरह की हरकत नजर नहीं आ रही थी।। कैमरे से माही का सिर्फ हाथ ही दिख रहा था। सेना ने इस बोरवेल के बगल में तकरीबन 80 फुट से ज्यादा का गड्ढा खोदा, लेकिन रास्ते में पत्थर आने की वजह से माही तक पहुंचने में देरी हो रही थी। आखिरकार माही को 68 फीट जमीन के नीचे से निकाल लिया गया है।
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