फेसबुक पर ‘वेज’ और ‘नॉनवेज’ अकाउंट का चला खास प्रचलन
वैसे तो सिटी के यूथ फेसबुक पर खुद को बिंदास एक्सप्रेस करते हैं, लेकिन जैसे ही शादी की बात चलती है एफबी अकाउंट से सारा ‘नॉनवेज’ कॉन्टेंट रिमूव कर देते हैं।कई का दूसरा अकाउंट भी होता है जो एफबी पर इनका ‘वेज’ फेस दिखाता है।
दोस्तों के साथ गपशप, शेयरिंग मोमेंट, फोटो, वीडियो, बिंदास चैटिंग और कमेंट्स करना यानी सोशल नेटवर्किग। वेज-नॉनवेज हर तरह की बातें। सोशल नेटवर्किग साइट्स परअब सबकी नजर रहती है, सभी सारी बातें जान जाते हैं, इस कारण यंगस्टर्स फेसबुक पर अपनी दो प्रोफाइल्स बना रहे हैं। एक दोस्तों के लिए ओपन और दूसरी फैमिली, खास फ्रेंड्सके लिए हिडन। एक पर वे सोशली एक्सेप्टेबल बिल्कुल अच्छी इमेज के साथ रहते हैं। फोटो, वीडियो और कमेंट्स लिखते समय अवेयर रहते हैं। दूसरी प्रोफाइल दोस्तों के लिए।
इस पर सब कुछ ओपन बिंदास। खासबात यह है कि दूसरी प्रोफाइल शादी की बातचीत के दौरान और इंगेजमेंट के बाद डिलीट या हिडन हो जाती है या फिर वेज प्रोफाइल में तब्दीलहो जाती हैं। क्योंकि लड़के या लड़की के पैरेंट्स भी इन दिनों अपने बच्चों के होनेवाले लाइफ पार्टनर के बारे में जानने के लिए फेसबुक का सहारा ले रहे हैं।
एफबी पर दो प्रोफाइल्स के जरिए प्रेजेंस का सबसे बड़ा कारण आधुनिक दिखते हुए भी समाज के लिए पारंपरिक बने रहना है। इससे सबसे ज्यादा मिडिल क्लास प्रभावित हो रहा है।सिटी की मॉडल स्मिता गर्ग कुछ ऐसे लोगों में से हैं जिन्होंने दो फेसबुक प्रोफाइल बना रखी हैं। एक पर फ्रेंड्स और उनके प्रोफेशन से जुड़े लोग हैं, जबकि दूसरे पर सिर्फ फैमिली मेंबर्सऔर उनसे संबंधित फ्रेंड्स। वे कहती हैं, ‘मैं मिडिल क्लास फैमिली से हूं। हमारी सोसायटी के लोगों को अब भी मॉडलिंग, एक्टिंग पसंद नहीं करते।
अगर मैं फैमिली वाली प्रोफाइल पर मॉडलिंग के फोटो डाल दूं तो काफी दिक्कत होगी। इस कारण मैंने दो प्रोफाइल बनाए हैं। मॉडलिंग में करियर बना रहे स्टूडेंट अशफाक ने बतायाकि उनके ज्यादातर फ्रेंड्स इसी फील्ड के हैं। वो अपने प्रोफाइल पर नॉनवेज फोटो और वीडियो शेयर करते हैं। उन्होंने कहा, पहले डर रहता था कि कोई परिचित या फैमिली मेंबर नदेख ले। इसलिए मैंने एक वेज प्रोफाइल भी बनाई। इसमें सिलेक्टेड फ्रेंड्स और फैमिली को रखा, अब कोई टेंशन नहीं है।
कैसे-कैसे
- स्वाति दीवान बताती हैं कि थोड़े समय पहले मम्मी-पापा ने मेरे लिए एक लड़का पसंद किया था। एक दो बार बात होने के बाद हम एफबी फ्रेंड बन गए। मैंनेउसकी प्रोफाइल में उसके ड्रिंक करते हुए फोटोज देखे। पूछने पर उसने कभी-कभी ड्रिंक करने की बात कबूली। मैंने पैरेंट्स से ड्रिंक करनेवाले लड़के से शादी करने से मना कर दिया।
- शीला जैन कहती हैं कि बेटा पढ़ने के लिए पुणो गया। वो घर आया तो उसने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताया। मैंने भी राहुल (बेटा) की फ्रेंड लिस्ट में उसलड़की की प्रोफाइल देखकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। उसने रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया। मैंने देखा कि उसकी प्रोफाइल में फोटोग्राफ्स में उसने बड़े ही बेहूदा कपड़े पहने हुए हैं। मैंनेतुरंत बेटे को फोन किया और समझाया कि ऐसा नहीं चलेगा। मुझे इस तरह के कपड़े पहनने वाली बहू नहीं चाहिए।
- फेसबुक के कारण मेरे ब्वॉयफ्रेंड जो कि अब मेरे पति हैं उनसे बहुत झगड़ा हो गया था। उन्होंने मेरे फेसबुक अकाउंट पर एक कमेंट पढ़ा, स्वीटी बहुत स्वीट लग रही हो। यह मेरानिक नेम है। बस फिर क्या था, वो गुस्से से आगबबूला हो गए। मैंने कहा दोस्त है, उसने वॉल पर लिख दिया, तो इसमें मेरी क्या गलती है। उन्होंने मुझसे कहा उसे पोस्ट करों किदुबारा कभी कोई क़ॉन्टैक्ट न रखें। मुझे लगा कई दोस्त हैं, किसी ने दुबारा ऐसा लिखा तो फिर झगड़ा होगा, इससे अच्छा है कि एकाउंट से डिस्कनेक्ट ही हो जाऊं। इसके बाद मैंनेदूसरा एकाउंट बनाया जिस पर फैमिली और सलेक्टेड फ्रेंड्स हैं।
प्रीति दुबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर (परिवर्तित नाम)
- दिव्या माहेश्वरी (परिवर्तित नाम) कहती हैं कि हमने मेट्रिमोनियल साइट्स के जरिए बेटे के लिए एक लड़की पसंद की। उसके पैरेंट्स से बात भी हुई। उन दोनों कोआपस में मिलवाने की बातचीत चल रही थी। एक दिन मेरी छोटी बेटी ने मुझसे कहा कि आप जिसे बहू बना रही हैं, शी इज एन ओकेजनल ड्रिंकर। मैंने पूछा तुम्हें किसने बताया तोउसने फेसबुक प्रोफाइल दिखाई, जिसमें उस लड़की ने अपने आप को ओकेजनल ड्रिंकर बताया था। फिर हमने बात आगे नहीं बढ़ाई।
फैमिली, सोसायटी का डर
दो-दो एफबी प्रोफाइल पर समाजशास्त्री ज्ञानेंद्र गौतम कहते हैं कि हम वेस्टर्नाइज हो रहे हैं। कपड़ों, एसेसरीज से मॉडर्न हो रहे हैं, लेकिन सोच मैच्योर नहीं हुई। हम ढोंग का चोला ओढ़ेरहते हैं। समाज में हम दो चेहरों के साथ हैं जो हमारे चरित्र का हिस्सा भी बन गया है। यंगस्टर्स और दूसरे लोग इसी तरह दो प्रोफाइल बनाकर दो तरह के चेहरों के साथ सोशलनेटवर्किग करते हैं। परिवार और समाज का डर इसका मुख्य कारण है। दोस्तों के बीच शान और सोसायटी में दिखावे के लिए हम प्रोफाइल पर सबकुछ डाल देते हैं जो अनैतिक है।
1. खाना खाते वक्त की तस्वीरें- नाश्ता करते और खाना खाते वक्त की तस्वीरें फेसबुक के लिए नहीं हैं। अगर आपको खाना खाते वक्त की तस्वीरें एफबी पर डालने की जरूरत महसूस हो तो ध्यान रखिए कि वे चुटीली, दिलचस्प और कुछ जानकारी देनी वाली होनी चाहिए।
2. मत बदलिए रिलेशनशिप स्टेटस बार-बार- अगर आप किसी को पसंद करते हैं और उसे इंप्रेस करने के लिए रिलेशनशिप स्टेटस बार-बार बदल रहे हैं, तो यह सही नहीं है। ऐसा करने से फेसबुक पर आपको जानने वाले सैकड़ों लोगों के मन में आपकी गलत छवि बनेगी।
3. जूते-चप्पलों की तस्वीरें- दोस्तों के साथ जूते चप्पल या पैरों की तस्वीरें लेना भद्दा लगता है। कई बार हमारे जूते चप्पलों की स्थिति हमें हास्यास्पद बना देती है।
4.हैरान करने वाले मैसेज- हर आम बात को लेकर दूसरों को हैरान परेशान करने वाले मैसेज भेजना सही नहीं है। ऐसा बार बार करने से आपकी विश्वसनीयता को धक्का लगता है।
5.स्माइली से शोक न जताएं- गमी के मौके पर दुख जताने वाले स्माइली (इमोटीकॉन) का इस्तेमाल न करें। इसे संवेदनहीनता का सूचक माना जा सकता है।
6. इंटरनेट स्लैंग का ज्यादा इस्तेमाल नहीं- LOL और ASAP जैसे नेट स्लैंग का ज्यादा इस्तेमाल न करें। ऐसा करने पर आपके दोस्त आपके पोस्ट और कमेंट हटा सकते हैं।
7. ज्यादा तस्वीरें सही नहीं- फेसबुक पर जरूरत से ज्यादा फोटो पोस्ट करने से लोग आपको आत्ममुग्धता का शिकार मान सकते हैं।
8. व्यक्तिगत डायरी न बनाएं-फेसबुक पर कोई भी सीक्रेट और कन्फेशन पोस्ट करने से पहले सौ बार सोचें। हालांकि आप इन्हें बाद में डिलीट कर सकते हैं, लेकिन याद रखिए, मुंह से निकले शब्द वापस नहीं आते।
9. खुद को बढ़ा-चढ़ा कर न पेश करें-कई बार बड़े बड़े दावे फेसबुक पर आपको अपमान का सामना करने पर मजबूर कर सकते हैं। मुझे पता है कि आपमें में से ज्यादातर लोग इसे रीपोस्ट नहीं करेंगे लेकिन मेरे दोस्त मेरा साथ जरूर देंगे। इस तरह के कमेंट भारी पड़ सकते हैं।
10. शीशे के सामने खड़ी तस्वीरें पोस्ट करना-आप भले खुद को कितना भी पसंद करें, लेकिन शीशे के सामने खड़े होकर सेलफोन से खींची गई तस्वीरें फेसबुक पर डालना सही नहीं है।
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